मुरैना महाधिवेशन में उठी गैर-अधिमान्य पत्रकारों को श्रद्धानिधि देने की मांग

रामगोपाल साहू-वरिष्ठ पत्रकार
Bhopal - मध्यप्रदेश में गैर - अधिमान्य पत्रकारों की बड़ी संख्या है, जिन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से समाज के हितों को लेकर लंबा संघर्ष किया। 15 - 25 वर्ष या इससे भी अधिक समय तक समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों में अपना जीवन खपाने बाले इन पत्रकारों के पक्ष में उनके मालिकों द्वारा पत्र जारी नहीं करने से ऐसे हजारों पत्रकार हैं ,जिनको शासन की अधिमान्यता योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा। कुछ पत्रकार संगठनों ने नियम विरुत तरीके से संगठन की अधिमान्यता देने का कार्य करके अपने पत्रकारों को धोखा देने का कार्य किया है। क्योंकि पत्रकारों को अधिमान्यता देने का कार्य शासन का है , ना कि किसी संगठन का। ऐसे सभी गैर अधिमान्य और अधिमान्य पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मुरैना महाधिवेशन में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि प्रदेश के सभी गैर अधिमान्य पत्रकारों को पत्रकार श्रद्धानिधि का लाभ दिया जाए।प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने मुख्यमंत्री डा यादव से इस आशय की मांग की।मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने अपने 25 वें त्रिदिवसीय महाधिवेशन में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव से विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर अन्य जिलों से पधारें सैकड़ों पत्रकारों की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने प्रदेश के पत्रकारों के कल्याणार्थ 6 सूत्री मांगें रखीं। जिसे लेकर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि पत्रकार सबसे जोखिम वाले , समाज के हित में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले लोग हैं। हम प्रदेश की जनता की भलाई के लिये सभी कार्य कर रहे हैं । पत्रकारों के हित में इन सभी मांगों को पूरा करने के लिये नीतिगत निर्णय लेने होंगे। इससे पूर्व अधिकारियों की एक टीम शलभ जी की उपस्थिति में इस पर आवश्यक तैयारी करेगी। पूर्ण विचार विमर्श और तैयारी के बाद इन मांगों को पूरा किया जाएगा।
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की 21 मांगों में से अधिकांश मांगें मध्यप्रदेश की तत्कालीन श्री शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पहले ही पूरा कर दिया है। पत्रकारों के हित में शेष छ: मांगें जो डा मोहन यादव से की गयीं वो हैं कि ---
1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
2. मप्र के सभी पत्रकारों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए।
3. पत्रकार श्रद्धानिधि के लिये सभी गैर - अधिमान्य पत्रकारों को पात्र माना जाए।
4. प्रदेश के सभी टोल प्लाजा में मप्र श्रमजीवी पत्रकार संगठन की ID को मान्य किया जाए।
5. भोपाल के पत्रकार भवन को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ को वापस किया जाए ।
6. सभी जिला मुख्यालय मे पत्रकार भवन हेतु जमीन आवंटित की जाए।
पत्रकारों पर बढते हमलों, उनकी स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाव के लिये भी सरकार का ध्यानाकर्षण किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के हितों के लिये सरकार नीतिगत् निर्णय लेगी और इस हेतु एक समिति का गठन शीघ्र होगा।