मां नर्मदा की तलहटी पर बगैर रेशे का भटा,जो खाए मुंह ललचाए

आपने काले भटों का तो भर्ता खाया होगा लेकिन हरे भटे का भर्ता आपको अलग जाएके में मिले तो क्या बात है। तो आज हम ऐसे ही भटे की बात कर रहे है जो नरसिंहपुर जिले के बरमान के भटे नाम से फेमस है, भटे का उत्पादन करने वाली स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह बैगन 5 किलो तक वजन का हो ता है,जिसकी साइज फुटबॉल से भी बड़ी होती है।
5 से 7 किलो वजनः नर्मदा के सतधारा से बरमान और रामघाट तक नर्मदा के दोनों तरफ तलहटी में होने वाला भटा अन्य स्थानों पर होने वाले भटे से भिन्न होता है। इसका वजन 5 से 7 किलो तक का होता है। इसमें बीज भी महीन होते हैं। जबकि अन्य भटे में बीज मोटा होता है। बरमान के भटे का भर्ता मलाईदार बनता है और इस भटे में रेशे नहीं होते। नर्मदा की तलहटी क्षेत्र के लंबे-चौड़े रकबे में किसान भटे की खेती करते हैं। इसकी फसल नवंबर से मार्च तक चलती है। बरमान मेले में आने वाले दिल्ली, नागपुर, उप्र, मुंबई के व्यापारी तो जब मेला से जाते है तो अपने साथ काफी मात्रा में भटे भी ले जाते हैं। कई वर्षों से भटे की खेती से जुड़े बरमान के किसान पन्नी नौरिया कहते हैं कि उनका भटा भिलाई तक जाता है। बीज बनाने जब पेड़ों में भटों को छोड़ा जाता है तो कई बार इनका आकार 7 से 10 किलो तक भी पहुंच जाता है। सामान्य तौर पर भी 5 से 7 किलो तक वजन का भटा तो निकलता ही रहता है।