~पं.सुनील मिश्रा

मैहर - जिस तरह से सतना मैहर जिले में स्थित सीमेंट फैक्ट्रीयों व्दारा स्थानीय लोगों का शोषण किया जा रहा है और बाहर से आए जी एस चहल और जी एन आर ट्रांसपोर्टरों को फैक्ट्रीयों ने गोद लिया है उससे स्थानीय लोगों में असंतोष फैल रहा है अपने आप को शोषित और उपेक्षित समझनें वाले ट्रक ट्रांसपोर्टरों के हितों की आर पार की लड़ाई ट्रक एसोसिएशन सतना लड़ेगा और जब तक बाहर से आए GNR ट्रांसपोर्ट और GS चहल जैसे बाहरी ट्रांसपोर्टरों को भगा नहीं देता तब तक शान्त नहीं बैठेगा ट्रक एसोसिएशन प्रदेश सरकार से लेकर सतना मैहर जिले के नेताओं जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर पुलिस अधीक्षक महोदय से पूछना चाहता है की आखिर यह ट्रांसपोर्टर हमें देते क्या है हजारों की तादात में बाहरी लोगों की गाड़ियां हमारे शहर की सड़कों को रौदती है

  आऐ दिन हमारे लोगों की सड़क दुघर्टनाओं में हानि होती है जबकि ईनके व्दारा स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाता न ही हमारे प्रदेश से डीजल लेते न टायर लेते न ही हमारे प्रदेश को टैक्स देते लेकिन दिन रात करोड़ों अरबों की कमाई हमारे प्रदेश और जिले में स्थित उद्योगों से कर रहे हैं बस अब यह ज्यादा दिन तक चलने वाले नहीं हैं बहुत जल्दी ट्रक एसोसिएशन स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को साथ लेकर रणनीति बनाकर बाहरी लोगों के खिलाफ मोर्चा खोलेगा। पूर्व में कई स्थानीय ट्रांस्पोर्टरों ने संपर्क करके कई बार इस मुद्दे पर ट्रक एसोसिएशन से सहयोग की अपेक्षा की है। अब वक़्त आ गया है कि इस लड़ाई से बाहरी लोगों को भगाकर एक तरफ लोकल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा और यहां के मोटर मालिक को व्यापार बढ़ाने का मौका मिले यह प्रयास हो

70% स्थानीय लोगों को रोजगार देने का प्रावधान  का नहीं पालन

स्थानीय लोगों को बेरोजगार और बंधुआ मजदूर बना रही सतना जिले की सीमेंट फैक्ट्रीया और अपने अनुबंध का नही कर रही पालन
किसी भी बड़े उद्योग में काम करने के लिए 70% स्थानीय लोगों को रोजगार देने का प्रावधान है लेकिन सतना मैहर जिले में स्थापित बिरला सीमेंट फैक्ट्री केजेएस सीमेंट फैक्ट्री अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री जेके सीमेंट फैक्ट्री व्दारा इन नियमों का भरपूर दुरूपयोग किया जा रहा है बात ट्रक ट्रांसपोर्ट ब्यवसाय की करें तो हर सीमेंट फैक्ट्री में GNR ट्रांसपोर्ट और GSचहल जैसे बाहरी ट्रांसपोर्टरों का बोलबाला है अगर कोई स्थानीय ब्यक्ति विरोध करता है तो उसकी गाड़ी ब्लैकलिस्ट कर दी जाती है और जब वह मोटर मालिक स्टांप पेपर में लिखकर देता है की मैं कभी प्रबंधन का विरोध नहीं करूंगा तब थोड़ा मोड़ा काम दिया जाता है सीमेंट फैक्ट्रीयों के ईस रवैया पर स्थानीय लोगों में ब्यापक आक्रोश पनप रहा है और कभी भी ज्वालामुखी बनकर फट सकता है जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी

न्यूज़ सोर्स : ipm