Saturday, 30 May 2020, 3:25 PM

 जन अभियान परिषद् को मिला जयस और कांग्रेस विधायकों का समर्थन, बंद होने की अफवाहों पर लगा विराम

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Prakash mandloi, Mandloi says on October 14, 2019, 9:19 PM

समाज के समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु शासन सदैव तात्पर्य रहा है| संगठनात्मक सीमाओं के भीतर यह सराहनीय प्रयास कि अपन अंतिम उद्देश्य की प्राप्ति में अपर्याप्त रही है| इस दिशा में अपने व्यवस्था कर ढांचे का अतिक्रमण कर शासन के शैक्षिक स्वैच्छिक संगठनों के अस्तित्व को मान्यता दी है| जनता और सरकार के बीच सेतु के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों का विकास की सख्त इकाई के रूप में विकसित करने के उद्देश्य हेतु " मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद " का गठन किया गया है यह परिषद शासन को सलाह देने सामुदायिक भागीदारी प्रोत्साहित करने स्वयंसेवक संस्थाओं से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी समेकित कर नीतियों क्रियान्वयन के लिए एक समन्वयक अभिकरण के रूप में कार्य करेगी| योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद स्थापना 4 जुलाई 1997 पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में किया था और परिषद के माननीय मुख्यमंत्री पदेन अध्यक्ष होता है परिषद शासन का एक अंग है इसको देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी जन अभियान परिषद के अधिकारी कर्मचारी के भविष्य के बारे में सकारात्मक निर्णय ले परिषद मैं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी भी 12 वर्षों से अधिक शासन का पालन करते हुए आज इन्हें 40 वर्षों से अधिक उम्र होने से इन्हें दूसरी नौकरी मिलना नहीं है इसी को देखते हुए हमारे माननीय मुख्यमंत्री हमारे भविष्य के बारे में अच्छा ही निर्णय ले क्योंकि हमें भी हमारा परिवार का ध्यान रखें परिषद मैं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी होकर शासन प्रशासन का पालन आज भी कर रहे हैं जैसा कि हमारे द्वारा मुख्य निर्वाचन आयोग द्वारा जैसा कि विधानसभा एवं लोकसभा उपचुनाव मैं आज भी ड्यूटी कर रहे है