विपक्ष का आरोप-सरकार के सारे दावे खोखले साबित हो रहे


देहरादून,। चारधाम की यात्रा शुरु हो चुकी है। यात्रा के लिए लगातार सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन की कोशिशें नाकाम हो रही हैं। तीर्थयात्रा पर आए कई श्रद्धालु धामों के दर्शन किए बिना ही घरों को लौट रहे हैं। प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए अस्थायी पंजीकरण व्यवस्था भी शुरू की है, लेकिन अब तक करीब चार हजार तीर्थयात्री ऋषिकेश से लौट गए हैं।
चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं के पंजीकरण की संख्या रिकॉर्ड तोड रही है, बुकिंग फुल है। यही वजह है कि ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगाई गई है। पंजीकरण बंद होने पर ऋषिकेश में रोके गए करीब 12 हजार तीर्थयात्रियों को धामों के दर्शन कराने के लिए प्रशासन ने अस्थायी पंजीकरण व्यवस्था भी शुरू की है।
प्रशासन की योजना थी कि अस्थायी पंजीकरण कर इन यात्रियों को धामों के लिए रवाना किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। विगत दिवस प्रशासन ने अस्थायी पंजीकरण व्यवस्था भी बंद कर दी थी। इसके बाद करीब चार हजार तीर्थयात्री ऋषिकेश से  बिना दर्शन किए वापस लौट गए हैं। लौटने वाले तीर्थयात्रियों का कहना है कि उत्तराखंड में पहुंचने के बाद भी धामों के दर्शन न कर पाना दुर्भाग्य है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने 31 मई तक ऑफलाइन पंजीकरण बंद रखने का निर्णय लिया है। जिससे परेशान होकर तीर्थ यात्री बिना दर्शन किए ही घर लौट रहे हैं, विपक्ष एक ओर सरकार पर निशाना साध रहा है।

बिना दर्शन किए श्रद्धालुओं के घर लौटने पर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर


अब बिना दर्शन किए श्रद्धालुओं के घर लौटने पर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि सरकार खोखले दावे कर रही है। उन्होंने कहा कि कई तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें यात्रियों ने ही खुद अव्यवस्थाओं को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि मंत्री चुनाव में मस्त है वहीं मुख्यमंत्री धर्मगुरु बन रहे हैं और प्रचार में लगे हुए हैं। पर्यटन और धर्मस्व मंत्री का भगवान ही मालिक है। क्योंकि वह ज्यादातर विदेश में ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि 4000 से ज्यादा लोग आक्रोश व्यक्त करते हुए वापस घर लौटे हैं, ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
इधर, बीजेपी ने सरकार का बचाव किया है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान का कहना है कि देश और दुनिया से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ही व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा प्रबंधन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए ही किया गया है। इसके बीच कई कठिनाइयां आ रही हों ऐसा हो सकता है। लेकिन सरकार का प्रयास है यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कोई तकलीफ न हो।